तुम्हारे आने से विश्व की जीवित आतमा कही मर सी गयी है ,
डर लोगों के हदय मे अपना घर करने मे कामयाब हो गया है,
हर स्वार्थी इनसान जो समझता था कि वो सबसे बलशाली है आज कैद है अपने ही घर रूपी जेल मे,
भरकर अपनी आँखों मे आशा उन काली सलाखों को तोड़ बाहार निकलने की
हर मोटर गाड़ी मे ब्रेक सा लग गया है, मानो हर विमान के पख काट दिए हो
आज आसमान साफ है, सडके खाली है, मानो संसार सिमट के रह गया एक लॉकडॉन के अंदर,
आज हर जानवर, हर पक्षी खुश है अपना वो संसार पाकर जिसकी कलंपना उनहोंने कलपना मे भी नहीं कि थी,
आज फिर से दूरदर्शन पर आने लगे हैं श्री मरयादा पुरोशोतम राम और हम परिवार के साथ मिलकर जान रहे हैं उनकी मरयादा और पितृ भक्ति की गाथाएँ,
महामारी के रूप मे ही सही आज प्रकरति ने धरती माँ को अपने घाव भरने का वो समय दिया हैं जिसके लिए वो वषाॆ से घात लगाए बैठी थी,
अब इतजार की बारी हमारी है
और देखना है की क्या हम उन घावों को भर पायगे जो इस महामारी ने हमे दिए है या देने वाली है
राधिका कपूर


