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बात अपनों की


जब बात अपनों कि होती है तो वहम अपना एक अलग स्थान बना लेताइंसान तकदीर को रूटा मानता है , खुदा को रूटा हुआ समझता है , और खुद को लुटा हुआ मानता है

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