क्यों रूठ गई मेरे दिल की कली
चैन गई मेरी नींद गई
आजा याद तेरी मेरे दिल मे दबी
पलको पर तू ही तू है सजी
नींदों मे तू है ख्यालों मे तू
तुझे भूल पाऊं न वो दिलरुबा
वो यादें वो कश्में मेरी मंजिले है
जिसको सजाया मैने दिल की जमी पर
नाजुक नही मेरे दिल की डोर है
सांसो से बढ़कर है मेरी मोहब्बत
आजा तेरा इंतजार है तू ही मेरा प्यार है
ये कैसी बहार है दिल बेकरार है आजा
कश्म है हमारी तुझको आना पड़ेगा
टूटे हुऐ अरमानों को सजाना पड़ेगा
नहीं तो ये जिंदगी किसी काम की नही
दे दूंगा जान अपनी जान के लिऐ
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