बेंच दी मैंने जिंदगी अपनी मोहब्बत को 

जिसने सिखाया प्यार करना मुझे |

रिश्ते क्या है निभाएं कैसे जाते है,

दिल से दिल को लगाऐ कैसे |

रूठे हुए दिल को मनाये कैसे, 

आशिकों से आशिकी चुराए कैसे |

जिसने सिखाया गमों में मुस्कुराना मुझे

बेंच दी मैंने जिंदगी अपनी मोहब्बत को 

जिसने सिखाया प्यार करना मुझे |

सूनी बगिया में फूल खिलाये थे जिसने

उजड़े चमन को महकाऐ थे जिसने ,

जिंदगी में हमसफर बन साथ निभाते थे जो,

खुद से बेगाने है वो,जो दिल के मेरेे तराने है |

बेंच दी मैंने जिंदगी अपनी मोहब्बत को 

जिसने सिखाया प्यार करना मुझे |

"मंशूभाई"