उसे मेरे गम से कोई वास्ता तो नही

मगर ये क्या के दिल मानता ही नही

मेरे रग रग में तूफान सा उठता है मगर

वो बारहा कहता है मुझे जानता ही नही!


तू चला गया तो तेरे मुंतजिर रहेंगे

जिंदगी इसके सिवा कोई रास्ता ही नही

तुझमे इतना खुद को देखा है

दिल किसी और को पहचानता ही नही!

(राहीरमेश)