तेरी याद को सिरहाने रखकरजीते हैं जिंदगी सिरहाने रखकरतू चला गया इसमें तेरा जुर्म क्या हैलहरें लौट जाती हैं एहसास किनारे रखकर!
तेरी याद को सिरहाने रखकरजीते हैं जिंदगी सिरहाने रखकर
तू चला गया इसमें तेरा जुर्म क्या हैलहरें लौट जाती हैं एहसास किनारे रखकर!