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गिरफ्त


कोई तो दवा होगी कुछ तो इंतजाम होगा,या तो फिर तय है मुश्किल अंजाम होगा।

अब नहीं मुमकिन की मै ही तन्हा रहुं ,निकले जो तेरी गिरफ्त से हाथों में जाम होगा।।

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