कभी अब मिले तो शायद ना पहचाने एक-दूसरे को,
ये चेहरे और हालात बदलते बहुत हैं,
पर तुम्हारा लहजा, वो मुस्कान याद है।
कभी राहें टकराईं, तो चुप-सी रह जाएंगी बातें,
आँखों में रेत सी बूँदें, जुबां पर पुराने गीत वही।
यादों की दुकान में वही खुशबू बची है, तभी की,
पर खिड़की के उस काँच पर अब भी परछाइयाँ ताजा हैं।
कभी अब मिले तो शायद ना पहचाने एक-दूसरे को,
पर उस मुस्कान की आहट से, दिल पहचान जाएगा।

