"कोई भी साहित्यकार यदि समसामयिक ज्वलन्त मुद्दों /  घटनाओं से प्रभावित हो लेखनी नहीं चलाता , तो वह  देश ,समाज और अपनी आत्मा की हत्या कर देता है।"