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सत्संगति का प्रभाव

फूलों  की  रंगत  और अच्छे लोगों की संगत से परचें , समय को इन पर खरचें । ये जीवन को महका देते हैं । 

आप जानते ही हैं कि गोबरैलों (एक तरह के कीड़े) 
को गोबर में रहना ही पसंद है । गोबर की दुर्गंध उनके लिए सुगंध है । जबकि भ्रमरों को फूल पसंद है। हम मनुष्य हैं ।अब हमारे ऊपर है कि हम किस तरह के वातावरण में रहना चाहते हैं । किस तरह की संगति करते हैं । दुर्जनों की संगति या सत्संगति ।

जहाँ दुष्टों का साथ ज्ञान का विनाश कर देता है ,अपयश देता है , और घोर नर
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