दिल की सुनो !'s image
Poetry1 min read

दिल की सुनो !

R N ShuklaR N Shukla October 31, 2022
Share0 Bookmarks 62823 Reads0 Likes
नया पाने की चाहत नहीं है मुझे !

तेरी यादें ही जीने के लिए काफी है मुझे !

जमाना  बेवज़ह खफ़ा  होता है  मुझसे !

जमाने की सुनने क

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts