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सितारा


बेचैन हो, कुछ बदले हुए भी,क्या साथ किसी का छूट गया है?

हाँ,आसमाँ का सबसे बुलंदसितारा टूट गया है।कोई बेहद अपना छूट गया है।एक ख्वाब पुराना रूठ गया है।कुछ अंदर अंदर टूट गया है।

— सिया
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