ऐ मेरी
बोलती हुई आंखों वाली साफ़दिल लड़की
तुम्हें नहीं पता है कि
तुम कितनी खूबसूरत लगती हो
जब खिलखिलाकर हंस पड़ती हो
मेरी बेसिर पैर की बातों पर
जब झूम उठती हो
अपने पसंदीदा तरानों पर
जब मुस्कुराती हो
मोहब्बत के फसाने सुन
जब रो पड़ती हो
बिछड़े प्रेमियों के अफसाने सुन
जब तितलियों के पीछे दौड़ पड़ती हो
जानने किस फूल से दोस्ती है उनकी
तुम कितनी खूबसूरत लगती हो
बोलती आंखों वाली मेरी साफ़दिल लड़की

