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इतवार


मैं,मैं एक नौकरीपेशा हूँ।

और तुम,तुम मेरा इतवार हो।

तुम्हारे आने की तरह,तुम्हारा जाना भी नियत है।

मगर राहत है किजाने के बादतुम्हारा दोबारा आनाभी तो नियत ही है।

— सिया
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