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दिसम्बर


शोरगुल था, कहकहे थे,थी दिलकश सरगोशी,ये गये दिसम्बर की बात है।

तन्हाई है, दर्द है,है मौत सी खामोशी,ये नये दिसम्बर की रात है।

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