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बादल आसमान पर


जैसे इस वक्त बादल छाये हुए हैं मेरे शहर के आसमान पर,वैसे ही तुम्हारी यादें छायी रहती हैं मेरे ज़हन-ओ-जहान पर।

— सिया
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