कहते हैं प्यार अंधा होता है हम भी थे
दे दी मोहब्बत कर्ज में
समय बिता दिन बीते !!

हमे भी मोहब्बत की कमी होने लगी।
बात मोहब्बत की थी इसलिए दिक्कत हमे भी होने लगी।

अब वक्त की इम्तिह हो गई ,
कर्ज लेने आए हैं कर्ज लेकर जाएंगे
फिर कर्ज दिया उसने पप्पी से,
मोहब्बत का ब्याज दिया उसने झप्पी से,

हमने भी कहा हम इज्जतदार लोग हैं
गाल गीले थे सुखाए उसने पप्पी से
शर्ट का दाग साफ करवाए उसकी झप्पी से
इस तरह कर्ज चुका कर निर्दोष हो गई
फरवरी का माह था कर ली शादी किसी ओर की हो गई

✍️ प्रदीप कुमार