
पहली बारिश की खुशबू !!
घने काले बादल नही ,
असंख्य बूँदों के छीटें नहीं ,
बिजली के चमकीले मार्ग नही ,
गर्जन नही ,
बस एक खुशबू ।
हल्की-हल्की धूप से ढके हल्के-हल्के
पीपल के पत्तों के बीच से हल्के दबे पैरों से मेरी चारदीवारी में,
हल्की सी मस्ती भरती पहली बारिश की खुशबू ।
माँ की अँगुलियों जैसे कोमल,
मुलायम हवा के छोटे-छोटे झौंकों प
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