तुम पीले सूट और काजल

में ही अच्छी थी


ये अनार के दानों पे लिपस्टिक,

ये आखों पे मस्कारा महंगा

ये चन्दन से बदन पे ज़रीदार लहंगा

चुभ रहा हैं आँखों को


रचना :पुष्पेंद्र पाल सिंह