तुम ही मेरे सोमवार में हो
तुम ही तो हर इतवार में हो
सिगरेटों के धुएँ में जलते हुए
इस दिल ए बीमार में हो
कौन कहता हैं कमबख्त
तुम पास नहीं हो मेरे
आकर देखों ज़रा
अभी तक तुम
उस चादर पे हो
अभी तक तुम
मेरे कमरे की दीवार पे हो
लिपस्टिक जो भूली थी
बस समझो लब अपने
यहीं छोड़ गयीं थी तुम
वो कंघा जिससे
संवारे थे बाल तुमने
सम्भाल कर रखा है
अभी तक वो
रबर बैंड जो मोड़ गयीं थी तुम
मै उठा था - 2
तुम्हें रोकने के लिए
हिम्मत अपनी सारी
झोंकने के लिए
गुस्से में जब तुम निकली बाहर
वो चटखनी
और मेरी हिम्मत तोड़ गयीं थी तुम
शीर्षक : तुम ही मेरे हर इतवार में हो


