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तो अच्छा था


तुम सितमगर ही रहतेतो अच्छा था

इस कदर हुआकत्ल ए आमइस कदर हुआ

देखने को तुम्हें

तुम घर ही रहतेतो अच्छा था

रचना :पुष्पेंद्र पाल सिंह

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