कुछ पाने के लिएकुछ खोना पड़ता हैऔरपरमात्मा को पाने के लिएसब कुछ खोना पड़ता हैस्वयं को खोए बिनापरमात्मा को नहीं पाया जा सकतारचना :पुष्पेंद्र पाल सिंह
कुछ पाने के लिएकुछ खोना पड़ता हैऔरपरमात्मा को पाने के लिएसब कुछ खोना पड़ता है
स्वयं को खोए बिनापरमात्मा को नहीं पाया जा सकतारचना :पुष्पेंद्र पाल सिंह