मै घूमता तुम्हारी अँगुली पर

मै पंखा जैसा तुम ही रेगुलेटर प्रिये


मै तो हूँ बेस्वाद घना

तुम हो चाय सी कड़क प्रिये


गाँव की पगडंडी सा हूँ मैं

तुम हाईवे सी सड़क प्रिये


तुम्हारे बेलन की मारों का

मै एक मात्र केलकुलेटर प्रिये


मै ठहरा खरपतवार सा

तुम बेल पे लगी फली प्रिये


मै पड़ा रहता सड़ी पत्ती सा

तुम महकती सी कोई कली प्रिये


रचना :-पुष्पेंद्र पाल सिंह