धरती अम्बर आकाश बहुत है
क्या क्या......
और क्या क्या मांगोगे

जिंदगी बहुत छोटी है और काश बहुत है

मोहब्बतें इकलोती कहां रही
वो गया ये आया
वो गई ये आई
सच में मोहब्बत में विकास बहुत है

हर गली मोहल्ले में...
हर गली मोहल्ले में
अब ताजमहल है
मोहब्बत में अब नक्काश बहुत है