तुम,तुम..
मेरा वो गुनाह हो
जिसको.....
करने में मजा आता है
कौन कहता है..
कौन कहता है
की
सिर्फ जीने में मजा है
तुम पे रोज-रोज मरने में मजा आता है
चाहूँ तो मैं
एक बार मैं ही आ जाऊं लेकिन
तेरे लबों से
मेरा नाम पुकारने में मजा आता है
थोड़ा तड़पाया करो
मुझे झट से ना मिला करो
दिल बे-कसक रह जाता है
जो उठती है,तुझसे मिलने की
कसक को मारने में मजा आता है
बहुत.. बे-अदब हुं मैं
तुझको लेके
मैं ही मैं बस देखूं
कोई और ना तुझको देखे
क्या करूं...
तेरे आशिकों को जलाने में मजा आता है
By:kavi pushpendra
