मैं की मय में जो मैं गयाफिर मैं, मैं ना रहामैं की मय से विमुख हो जाना हीमुक्त हो जाना हैमैं की मय से मुक्ति ही गीता का सार हैमैं की मय से से मुक्ति हीपरमात्मा याक जाने