तुम बर्फ़ तो नहीं कि

मुझमें पिघल जाओगे


मौसम हो

जरूर बदल जाओगे


मैं तो रोज़ वही

मुंडेर पे पड़ा रहता हूँ

तुम बताओ कि आज

कि आज आओगे

या कल आओगे


मैं तो ठहरा खोटा सिक्का

तुम तो करारा नोट हो

जहाँ भी जाओगे चल जाओगे


रचना :पुष्पेंद्र पाल सिंह