आज ना चाहूँ मैं
आज ना चाहूँ मैं
कि
फ़रार हो जाऊं
ज़ुल्फों को उनकी
जुल्फों को उनकी
बनाकर बेड़िया
गजरे में उनके
गिरफ्तार हो जाऊँ
कृति:-पुष्पेन्द्र पाल सिंह


आज ना चाहूँ मैं
आज ना चाहूँ मैं
कि
फ़रार हो जाऊं
ज़ुल्फों को उनकी
जुल्फों को उनकी
बनाकर बेड़िया
गजरे में उनके
गिरफ्तार हो जाऊँ
कृति:-पुष्पेन्द्र पाल सिंह