ये ग़म की बर्फ़ - 2

अब पिघलनी चाहिए


शराब अब थोड़ी

पानी मे घुलनी चाहिए


उसकी यादों का

चखना तो लाओं यारों


बात अब बस

उसी की चलनी चाहिए


रचना :पुष्पेंद्र पाल सिंह