झुकी ये तेरी नज़र, तेरा ऐतबार रही,ये अदा सारी अदाओं से शानदार रही।हर खुशी ऐसे तेरे बाद दरकिनार रही,चाह तो थी मगर तेरी ही बार-बार रही।
झुकी ये तेरी नज़र, तेरा ऐतबार रही,ये अदा सारी अदाओं से शानदार रही।
हर खुशी ऐसे तेरे बाद दरकिनार रही,चाह तो थी मगर तेरी ही बार-बार रही।