मुझे एहसास है

दिल पर है मेरे, चोट सी गहरी,

झलक तेरी,

मेरे अरमानों तक आ कर नहीं ठहरी।


ख़याओं, धड़कनों को

आज तक बेचैन करती है,

कोई छुप जाये

दिल ले कर मुहब्बत मैं नहीं ठहरी।


~पुष्कर