चाहे कितना भी कठिन हो डगर
आंँधी तूफ़ान सबको पछाड़कर
बाधाओं को चीरकर होगा ज़फ़र*
तू कर निश्चय अभी और यहीं पर।
×××
©पुरुषोत्तम
____________________________________________
ज़फ़र=विजय(success)


चाहे कितना भी कठिन हो डगर
आंँधी तूफ़ान सबको पछाड़कर
बाधाओं को चीरकर होगा ज़फ़र*
तू कर निश्चय अभी और यहीं पर।
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©पुरुषोत्तम
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ज़फ़र=विजय(success)