चाहे कितना भी कठिन हो डगर

आंँधी तूफ़ान सबको पछाड़कर

बाधाओं को चीरकर होगा ज़फ़र*

तू कर निश्चय अभी और यहीं पर।

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©पुरुषोत्तम

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ज़फ़र=विजय(success)