तुम फूल बनो मैं शूल सही।

तुम मलिन रहना

मुझे मुरझाने का डर नहीं।

तुम प्रगतिशील रहो

मैं उस रथ का पहिया बनूँ।

सारे कष्टों से दुर रहो तुम

मैं तेरा रक्षक बनूँ ।

तुम यूँ हीं मुस्कुराती रहना

चाहे मैं मौन सही।

तुम फूल बनो मैं शूल सही।

तुम फूल बनो मैं शूल सही।।