तुम बिन जीना मौत नहीं 

पर मौत से कम भी नहीं।


हांँ तुम्हारी याद साथ है

मगर तुम कहीं भी नहीं।


मालूम था छोड़कर जाओगी

मगर इतनी जल्दी भी नहीं।


कहने को तन्हा रह गया

तेरे जाने का गम भी नहीं।


सबलोग कहते हैं नशे में हूंँ

कमबख्त आज पी भी नहीं।

×××

©पुरुषोत्तम