होंठो की हंँसी, आंँखों की नमी बन जाऊंगा मैं !

मिले साथ तेरा तो फिर सर्वस्व बन जाऊंगा मैं !

वादा रहा जीवन का हर क्षण साथ बिताने का,

पहले से हीं तेरा हूंँ , तुम्हीं में मिल जाऊंगा मैं !!

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©पुरुषोत्तम