सुरमई आंँखे तेरी नजरें कटारतीसपर करती हो फूलों का व्यापारकोई जाए बचके तो कहांँ जाएनजरें चुराए तो फूलों से कत्ल हो जाए××שपुरुषोत्तम
सुरमई आंँखे तेरी नजरें कटारतीसपर करती हो फूलों का व्यापार
कोई जाए बचके तो कहांँ जाएनजरें चुराए तो फूलों से कत्ल हो जाए
××שपुरुषोत्तम