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मोती तैरता दिखा उसकी अखियन के भित पर


मील जाएगा दूसरा कह उसने हाथ झटक दिया,बड़ा गुरूर था उस दिन उसे अपनी इस जीत पर,

आज उसके गली से गुजरा नजरें मिली तो देखा,इक मोती तैरता उसकी अखियन के भित पर...!

— पुरुषोत्तम
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