वो सपना कैसा जिसमें शामिल कोई अपना ना हो।वो अपना कैसा जो शामिल मेरे सपना में ना हो।।××שपुरुषोत्तम
वो सपना कैसा जिसमें शामिल कोई अपना ना हो।वो अपना कैसा जो शामिल मेरे सपना में ना हो।।
××שपुरुषोत्तम