झूठ की घासकबतक दबाए रखेगासच की दूब कोसमय का अंतर मात्र हैजिस दिन उसके हिस्से कीमिट्टी पानी हवा सूरज और आकाश मिलेगाबाहर आ हीं जाएगा।××שपुरुषोत्तम