फूलों की खुशबू विद्यमान है,जुड़ा है जबतक शाखों से।मानव समाज भी जीवंत हैजुड़ा है जबतक पुरखों से।।××שपुरुषोत्तम
फूलों की खुशबू विद्यमान है,जुड़ा है जबतक शाखों से।
मानव समाज भी जीवंत हैजुड़ा है जबतक पुरखों से।।
××שपुरुषोत्तम