पिया चले आओ तुम बिन लगता नहीं मेरा मन,
जब से गए हो सुना सुना सा है दिल का उपवन।
अब देखने को तरस रही आंँखें बिलख रहा मन,
सजन तेरे इंतजार में सुख गए नीर भरे ये नयन।
×××
©पुरुषोत्तम


पिया चले आओ तुम बिन लगता नहीं मेरा मन,
जब से गए हो सुना सुना सा है दिल का उपवन।
अब देखने को तरस रही आंँखें बिलख रहा मन,
सजन तेरे इंतजार में सुख गए नीर भरे ये नयन।
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©पुरुषोत्तम