परिथिति जो हो पत्रकार कभी मजबूर नहीं हो सकता।और जो मजबूर हो जाए पत्रकारिता नहीं कर सकता।।××שपुरुषोत्तम
परिथिति जो हो पत्रकार कभी मजबूर नहीं हो सकता।और जो मजबूर हो जाए पत्रकारिता नहीं कर सकता।।
××שपुरुषोत्तम