प्रिय.....
आज ये दुनिया मुझे तुमसे मिलने से, तुम्हारा होने से रोकती है
रोकने दो
देखते हैं कबतक रोकती है
क्या मेरी मौत के बाद भी कोई रोक सकता है मुझे तुमसे मिलने से?
नहीं! बिल्कुल नहीं ।
हम तब मिलेंगे जब पंचभूत से बना शरीर पूरी तरह से भगवान(भ+ग+व+अ+न) में मिल जायेगा
भ यानी भूमि,
ग यानी गगन,
व यानी वायु,
अ यानी आकाश और
न यानी नीर
उसके बाद मैं हमेशा के लिए तुम्हारे पास रहूंगा
हमेशा हमेशा के लिए
तुम मुझे सुन सकोगी मेरी आवाज आकाश में गूंँजेगी
वायु के रूप में मैं तुम्हे स्पर्श करूंँगा
अग्नि में तुम मुझे देख पाओगी
जल ग्रहण करने के बाद तुम मेरा स्वभाव भी जान पाओगी और
इस धरती से हमेशा मेरी गंध आती रहेगी।
तुम मेरी हो हमेशा याद रखना
तुम्हारा प्रेमी ......
@पुरूषोत्तम


