उधर है मद लिए मातल आँखें,इधर है नज़रों से घायल आँखें।फ़िर भी देख रही है देखो कैसे,उनकी नजरों में ये पागल आँखें।××שपुरुषोत्तम
उधर है मद लिए मातल आँखें,इधर है नज़रों से घायल आँखें।
फ़िर भी देख रही है देखो कैसे,उनकी नजरों में ये पागल आँखें।
××שपुरुषोत्तम