बीती बातों का यूंँ मलाल ना कर,

अनमोल जीवन यूंँ बर्बाद ना कर,

अपने मंजिल को ध्यान लगा और

तू फिर से एक नई शुरुआत कर।

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©पुरुषोत्तम