मैं शब्दों को ढालकर कविता का आकार देता हूंँ,कवि हूंँ अपने भावों को कागज पर उतार देता हूंँ।××שपुरुषोत्तम
मैं शब्दों को ढालकर कविता का आकार देता हूंँ,कवि हूंँ अपने भावों को कागज पर उतार देता हूंँ।
××שपुरुषोत्तम