लिखूंँ भी क्यूंँ मैं उसके बेवफाई का किस्सा,

जब रही हीं नहीं वो मेरे जीवन का हिस्सा।


गीत-गजल न जाने क्या कुछ लिख डाला,

उस वक्त जब थी वो मेरे जीवन का हिस्सा।

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©पुरुषोत्तम