लिखूंँ भी क्यूंँ मैं उसके बेवफाई का किस्सा,
जब रही हीं नहीं वो मेरे जीवन का हिस्सा।
गीत-गजल न जाने क्या कुछ लिख डाला,
उस वक्त जब थी वो मेरे जीवन का हिस्सा।
×××
©पुरुषोत्तम


लिखूंँ भी क्यूंँ मैं उसके बेवफाई का किस्सा,
जब रही हीं नहीं वो मेरे जीवन का हिस्सा।
गीत-गजल न जाने क्या कुछ लिख डाला,
उस वक्त जब थी वो मेरे जीवन का हिस्सा।
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©पुरुषोत्तम