कश्ती उतार दिया है समंदर मेंतूफ़ाँ तुम जिधर चाहो ले चलो××שपुरुषोत्तम
कश्ती उतार दिया है समंदर मेंतूफ़ाँ तुम जिधर चाहो ले चलो
××שपुरुषोत्तम