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खुद्दार


मैंने कई दफे रिश्तों के पिटारों को खंगालानहीं मिला कोई जो संभाल ले मुझे गिरने से

कोई लांछन ना लग जाए पवित्र रिश्तों परतब जाकर मैंने खुद को खुद से संभाला ।

××שपुरुषोत्तम

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