मैंने कई दफे रिश्तों के पिटारों को खंगाला
नहीं मिला कोई जो संभाल ले मुझे गिरने से
कोई लांछन ना लग जाए पवित्र रिश्तों पर
तब जाकर मैंने खुद को खुद से संभाला ।
×××
©पुरुषोत्तम


मैंने कई दफे रिश्तों के पिटारों को खंगाला
नहीं मिला कोई जो संभाल ले मुझे गिरने से
कोई लांछन ना लग जाए पवित्र रिश्तों पर
तब जाकर मैंने खुद को खुद से संभाला ।
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©पुरुषोत्तम