कसूर तुम्हारी आंँखों का नहीं मेरा है

इसलिए प्रेम भी तुम्हारा नहीं मेरा है

तुम चाहो ठुकरा दो या फिर अपना लो

अतः पाना भी मेरा है खोना भी मेरा है

×××

©पुरुषोत्तम